भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद
केन्द्रीय समुद्री मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान
  • Dr. A. Gopalakrishnan, Director

Home निदेशक का संदेश  

      सब को हार्दिक बधाइयॉं

       भारत में समुद्र कृषि से समुद्री मछली उत्‍पादन बढ़ाने की काफी संभाव्‍यता है, हालांकि देश में पिंजरे में मछली पालन अब भी प्रारंभिक विकास के चरण में है. भा कृ अनु प- सी एम एफ आर आइ ने भारत में खुला सागर पिंजरा मछली पालन में कई अनुसंधान किए हैं, कोबिया और पोम्‍पानो जैसे कई वाणिज्यिक प्रमुख मछलियों के प्रजनन और संतति उत्‍पादन में पहली बार सफलता हासिल की है. आगामी वर्षों में अन्‍य मछली ग्रुपों जैसे ग्रूपर तथा रेड स्‍नाप्‍पर मछलियों के लिए भी इसी सफलता प्राप्‍त करने के लिए अनुसंधान व विकास के प्रयास जारी हैं. इस संदर्भ में, संस्‍थान द्वारा आयोजित एशिया में पिंजरा जलकृषि पर 5वीं अंतर्राष्‍ट्रीय परिचर्चा कई अनुसंधान विचार-विमर्शों का गवाह बन गयी है और ये विचार-विमर्श आवश्‍यक प्रौद्योगिकियों के विकास में सहायक निकलेंगे. कई सिफारिशों से यह व्‍यक्‍त हुआ कि भारत में नीलि क्रांति हाने के लिए यह परिचर्चा सहायक हो जाएगी. यह आयोजन सफल बनाने के लिए प्रयास किए गए सभी व्‍यक्ति अभिनन्‍दन के पात्र हैं. इस अवधि के दौरान, पशु पालन, डेरी एवं मात्स्यिकी विभाग (डी ए एच डी एवं एफ) के सहयोग से राष्‍ट्रीय समुद्री मात्स्यिकी जनगणना 2016 की योजना पूरी की गयी और तटीय मत्‍स्‍यन गॉंवों और मछुआरों से संग्रहित समाज-अर्थशास्‍त्र, अवसंरचना और अन्‍य संबंधित मामलों के आंकड़ों के डाटाबेस का प्रपत्र डिजिटाइस किया जाएगा. देश के लिए मात्स्यिकी विकास योजनाएं या नीतियॉं बनाने के दौरान इस तरह का डिजिटाइसेशन अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण हो जाएगा. केन्‍द्र सरकार द्वारा नयी राष्‍ट्रीय समुद्री मात्स्यिकी नीति तैयार करने के लिए विविध क्षेत्रों से गुणभोक्‍ताओं के मतों को सफल रूप से इकट्ठा किया जा सका. नव वर्ष 2016 में प्रवेश करने के इस अवसर पर यह संतोष की बात है कि भा कृ अनु प- सी एम एफ आर आइ का पुरी क्षेत्र केन्‍द्र खोला गया है, जो अनुसंधान कार्यों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के द्वारा समुद्री मछुआरों की आवश्‍यकताओं की पूर्ति करने में अथक प्रयास करेगा. नए वर्ष पर हम नयी ताक़त और निष्‍ठा से अपना काम करेंगे और इस अवसर पर सब को सफलतापूर्वक नव वर्ष 2016 की शुभकामनाएं अदा करना चाहता हॅूं.

 

डॉ. ए. गोपालकृष्‍णन

निदेशक

 ई मेलः director@cmfri.org.in

घटना कैलन्डनर

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